जीविका (Jeevika): बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना का संपूर्ण विवरण
जीविका केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम है। इसे बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसायटी (BRLPS) द्वारा संचालित किया जाता है।
1. जीविका परियोजना क्या है? (What is Jeevika?)
बिहार सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण निर्धन परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए शुरू की गई थी।
Jeevika ka lakshya kya hai ?
- लक्ष्य: ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना।
- प्रसार: यह मॉडल बिहार के सभी 38 जिलों के 534 ब्लॉक में लागू है।
- प्रभाव: वर्तमान में लगभग 1.5 करोड़ ग्रामीण परिवारों को इसके तहत जोड़ा जा चुका है।
2. संगठनात्मक ढांचा (Organizational Structure)
जीविका तीन स्तरों पर काम करती है, जिससे निचले स्तर तक सहायता पहुंच सके:
- स्वयं सहायता समूह (SHG): सबसे बुनियादी स्तर, जहाँ 10-15 महिलाएँ एक समूह बनाती हैं।
- ग्राम संगठन (VO): कई SHG मिलकर एक ग्राम संगठन बनाते हैं। बिहार में लगभग 65,000 VO हैं।
- संकुल स्तरीय संघ (CLF): कई ग्राम संगठनों को मिलाकर एक क्लस्टर या संकुल बनाया जाता है। वर्तमान में लगभग 1600 CLF कार्यरत हैं।
3. जीविका समूह की कार्यप्रणाली (How it Works)
जीविका समूह का संचालन बहुत ही सरल और पारदर्शी तरीके से होता है:
- सदस्यता: आमतौर पर एक समूह में 12 से 15 महिलाएँ होती हैं।
- बचत: प्रत्येक महिला सदस्य प्रति सप्ताह ₹10 जमा करती है।
- सरकारी सहायता: समूह के कुछ समय तक सफलतापूर्वक चलने के बाद, सरकार इसमें ₹10,000 से ₹1,00,000 तक की राशि (Revolving Fund/ICF) Jeevika Loan प्रदान करती है।
- उपयोग: इस राशि का उपयोग समूह की महिलाएँ छोटे-मोटे व्यवसाय जैसे सिलाई, पशुपालन, या छोटी दुकान खोलने के लिए करती हैं।
4. ऋण और पुनर्भुगतान प्रक्रिया (Jeevika Loan Repayment Table)
Jeevika loan me intrest kitna lagta hai ?
- जीविका समूह से लिए गए कर्ज पर ब्याज दर बहुत कम (लगभग 1% मासिक) होती है। नीचे ₹10,000 के ऋण के लिए भुगतान की प्रक्रिया दी गई है:
Jeevika me loan kaise bharti hai chart ?
| किस्त संख्या | मूलधन (Principal) | ब्याज (1% दर) | कुल मासिक किस्त | शेष राशि |
| 1 | ₹1000 | ₹100 | ₹1100 | ₹9000 |
| 2 | ₹1000 | ₹90 | ₹1090 | ₹8000 |
| 3 | ₹1000 | ₹80 | ₹1080 | ₹7000 |
| 4 | ₹1000 | ₹70 | ₹1070 | ₹6000 |
| 5 | ₹1000 | ₹60 | ₹1060 | ₹5000 |
| 6 | ₹1000 | ₹50 | ₹1050 | ₹4000 |
| 7 | ₹1000 | ₹40 | ₹1040 | ₹3000 |
| 8 | ₹1000 | ₹30 | ₹1030 | ₹2000 |
| 9 | ₹1000 | ₹20 | ₹1020 | ₹1000 |
| 10 | ₹1000 | ₹10 | ₹1010 | ₹0 |
नोट: जैसे-जैसे मूलधन कम होता है, ब्याज की राशि भी घटती जाती है, जिससे महिलाओं पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है।
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5. Jevika me salary kitana milta hai (Staff Roles & Salary)
जीविका के अंतर्गत विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं, जिनका वेतन कार्य के अनुसार भिन्न होता है:
- सामुदायिक समन्वयक (Community Coordinator): इनका काम गरीबों की पहचान करना और उन्हें समूहों में संगठित करना है।
- बैंक सखी (Bank Sakhi): इन्हें 6 महीने तक ₹4,000 प्रति माह मानदेय मिलता है। साथ ही, डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए ₹50,000 की सहायता भी दी जाती है।
- समूह सखी: इनका वेतन कार्य के आधार पर ₹1200 से ₹1500 के बीच होता है।
- अन्य प्रोफेशनल पद: अनुभव और पद के अनुसार वेतन ₹8,000 से ₹18,000 या उससे अधिक भी हो सकता है।
6. Jeevika me naukari ka avedan kaise kare
- भर्ती और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया BRLPS समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए भर्तियां निकालता है।
आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- वेबसाइट: आधिकारिक पोर्टल
पर जाएं।www.brlps.in - रजिस्ट्रेशन: अपनी जानकारी भरें और एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या प्राप्त करें।
- दस्तावेज: फोटो, पहचान पत्र (आधार/पैन/वोटर कार्ड) और अनुभव प्रमाण पत्र तैयार रखें।
- सावधानी: आवेदन करते समय पहचान के स्पष्ट निशान (जैसे चेहरे पर तिल या चोट का निशान) का उल्लेख करें।
लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम (Jivika bharti Syllabus)
- गणित: 10वीं कक्षा तक के स्तर का।
- तर्कशक्ति (Reasoning): सामान्य तार्किक प्रश्न।
- कंप्यूटर: MS Office (Word, Excel) की जानकारी।
- सामान्य अध्ययन: बिहार और भारत की विकास योजनाएं।
- अंग्रेजी: बुनियादी व्याकरण और प्रवीणता।
7. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के मुख्य बिंदु
केंद्र सरकार ने 'स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना' को बदलकर NRLM (आजीविका) की शुरुआत की है।
- फंडिंग: इसमें 75% हिस्सा केंद्र सरकार और 25% हिस्सा राज्य सरकार का होता है।
- वित्तीय समावेशन: बैंक मित्रों और डिजिटल परामर्शदाताओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को घर-घर तक पहुँचाना।
- महिला किसान सशक्तिकरण: महिला कृषकों को तकनीक और बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना।
1. जीविका का आधार:"पंचसूत्र"(Jeevika se Loan kisko mil skta hai)
किसी भी जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) की सफलता उसके पंचसूत्र (पांच नियमों) पर टिकी होती है। यदि कोई समूह इन पांच नियमों का पालन करता है, तभी वह सरकार से बड़े ऋण प्राप्त करने का पात्र होता है:
- नियमित साप्ताहिक बैठक: समूह की सभी 10-15 महिलाएं हर हफ्ते एक निश्चित समय पर मिलती हैं।
- नियमित साप्ताहिक बचत: हर सदस्य अनिवार्य रूप से ₹10 या तय राशि जमा करती है।
- नियमित आंतरिक लेनदेन: समूह के सदस्य अपनी जरूरतों के लिए जमा पैसों से ही ऋण लेते हैं।
- नियमित पुनर्भुगतान: लिया गया कर्ज समय पर वापस करना अनिवार्य है।
- नियमित बही-खाता संधारण: समूह की सभी गतिविधियों का लिखित रिकॉर्ड रखना।
2. संगठनात्मक ढांचा (Jeevika me kiske niche kaun hota hai?)
जीविका का ढांचा पिरामिड की तरह है, जो नीचे से ऊपर की ओर जुड़ा हुआ है:
- SHG (स्वयं सहायता समूह): 10-15 महिलाओं का समूह। यह "बुनियाद" है।
- VO (ग्राम संगठन): एक गांव के 5 से 15 SHG मिलकर एक VO बनाते हैं। यह समूह को बड़े फंड (CIF) दिलाने में मदद करता है।
- CLF (संकुल स्तरीय संघ): 15 से 40 ग्राम संगठन मिलकर एक क्लस्टर (CLF) बनाते हैं। यह ब्लॉक स्तर पर बैंकों और बाजार से समन्वय करता है।
3. वित्तीय सहायता के प्रकार (Jivika se loan kis liye milta hai)
सरकार और बैंक जीविका समूहों को कई चरणों में पैसा देते हैं:
| फंड का नाम | उद्देश्य | राशि (लगभग) |
| Revolving Fund (RF) | समूह की बुनियादी जरूरतों और लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए। | ₹15,000 |
| Community Investment Fund (CIF) | व्यावसायिक गतिविधियों (खेती, पशुपालन) के लिए ग्राम संगठन के माध्यम से। | ₹50,000 से ₹1.5 लाख |
| Bank Linkage | बैंक सीधे समूह को कम ब्याज दर पर व्यवसाय हेतु ऋण देते हैं। | ₹1 लाख से ₹5 लाख तक |
4. जीविका के विशेष प्रोजेक्ट्स (Special Initiatives)
जीविका अब केवल बचत तक सीमित नहीं है, इसके तहत कई बड़े काम हो रहे हैं:
- दीदी की रसोई: बिहार के अनुमंडल और जिला अस्पतालों में मरीजों को खाना खिलाने का जिम्मा जीविका दीदियों को दिया गया है।
- नीरा प्रोजेक्ट: ताड़ के पेड़ों से नीरा (एक स्वास्थ्यवर्धक पेय) निकालने और उसका व्यवसाय करने का प्रशिक्षण।
- कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC): खेती के आधुनिक औजारों (ट्रैक्टर, थ्रेसर) का बैंक, जहाँ से किसान किराए पर औजार ले सकते हैं।
- शिल्पग्राम: हस्तशिल्प और कलाकृतियों (जैसे मधुबनी पेंटिंग) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना।
- स्वास्थ्य और पोषण (HNS): महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और कुपोषण के प्रति जागरूक करना।
5. jeevika करियर और रोजगार के अवसर
जीविका में काम करने के दो तरीके हैं:
(A) सामुदायिक पद (Community Based)
ये पद उसी क्षेत्र के स्थानीय लोगों (अक्सर महिलाओं) के लिए होते हैं:
- CM (Community Mobilizer): समूह की बैठकों का संचालन और रिकॉर्ड रखना।
- Bank Mitra: बैंक और समूह के बीच लेनदेन में मदद करना।
- VRP (Vi
- llage Resource Person): खेती या पशुपालन का तकनीकी ज्ञान देना।
(B) प्रोफेशनल पद (Staff/Staff Recruitment)
इसके लिए समय-समय पर BRLPS द्वारा विज्ञापन निकाला जाता है:
- Area Manager (AM): ब्लॉक स्तर पर काम देखना।
- District Project Manager (DPM): जिला स्तर पर नेतृत्व।
- IT Associate/Finance Officer: तकनीकी और वित्तीय प्रबंधन।
6. Bima saheli आवेदन की प्रक्रिया और चयन
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य जीविका में नौकरी के लिए इच्छुक है, तो प्रक्रिया इस प्रकार है:
- पंजीकरण:
पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।BRLPS Recruitment Portal - चयन प्रक्रिया: इसमें आमतौर पर तीन चरण होते हैं:
- CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा): इसमें गणित, रीजनिंग और सामान्य ज्ञान के प्रश्न होते हैं।
- PPT/GD: कुछ पदों के लिए ग्रुप डिस्कशन या प्रेजेंटेशन।
- Village Internship: चयनित उम्मीदवारों को कुछ दिन गांव में रहकर काम सीखना पड़ता है, जिसके बाद ही फाइनल जॉइनिंग होती है।
Jeevika बीमा सहेली: कार्य, जिम्मेदारियाँ और मानदेय (Complete Guide)
- ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सुरक्षा और बीमा का लाभ पहुँचाने के लिए बीमा सहेली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इनका मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर परिवारों को बीमा के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
1. Jeevika बीमा सहेली के मुख्य कार्य (Key Responsibilities)
बीमा सहेली का कार्य केवल बीमा बेचना नहीं, बल्कि समाज सेवा और जागरूकता फैलाना भी है:
- जागरूकता अभियान: ग्राम स्तर पर लोगों को बीमा उत्पादों और उनके लाभों के बारे में जानकारी देना।
- डाटा कलेक्शन: सदस्यों की जानकारी इकट्ठा करना और उन्हें बीमा करवाने हेतु प्रेरित करना।
- रिकॉर्ड प्रबंधन: संकुल स्तर (Cluster Level) के सभी बीमित सदस्यों की सूची तैयार रखना।
- दस्तावेज वितरण: बीमा बॉन्ड और जरूरी कागजात सदस्यों तक पहुँचाना और उसकी सूचना नोडल व्यक्ति को देना।
- शिक्षा सहयोग योजना: हर वर्ष सदस्यों से 'शिक्षा सहयोग योजना' के आवेदन भरवाना और उन्हें पूरा कर नोडल व्यक्ति को जमा करना।
2. बीमा नवीनीकरण (Insurance Renewal)
- बीमा की निरंतरता बनाए रखने के लिए समय पर नवीनीकरण (Renewal) आवश्यक है:
- समय सीमा: बीमा समाप्त होने से 2 महीने पहले ही नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू करना।
- सूचना: संबंधित ग्राम संगठन को सूची के साथ सूचित करना।
- सत्यापन: भरे हुए आवेदन पत्रों की जाँच कर उन्हें संकुल स्तरीय संगठन या ब्लॉक इकाई में जमा करना।
- प्रीमियम जमा: यह सुनिश्चित करना कि सदस्य ने अपनी बीमा प्रीमियम राशि समूह (SHG) में जमा कर दी है।
3. Bima Saheli ka दायित्व और रिपोर्टिंग (Accountability)
- प्रशिक्षण: ग्राम संगठनों का भ्रमण करना और उन्हें बीमा प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देना।
- वित्तीय सहायता: नोडल ग्राम संगठन और संकुल संघ द्वारा बीमा संस्थान को भेजे जाने वाले डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाने में सहयोग करना।
- रिपोर्टिंग: हर 15 दिनों में अपने कार्यों और गतिविधियों की रिपोर्ट ब्लॉक प्रोजेक्ट यूनिट (BPIU) के नोडल व्यक्ति को देना।
- अन्य कार्य: परियोजना या सामुदायिक संगठनों द्वारा सौंपे गए अन्य संबंधित कार्यों को निष्ठापूर्वक करना।
4. दावा निपटान प्रक्रिया (Claim Settlement)
किसी बीमित सदस्य की मृत्यु या दुर्घटना होने पर बीमा सहेली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है:
- त्वरित सूचना: घटना की जानकारी मिलते ही 24 घंटे के भीतर मोबाइल या फोन द्वारा ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (BPM) को सूचित करना।
- कानूनी सहयोग: दुर्घटना की स्थिति में थाना में FIR दर्ज कराने में परिवार की मदद करना।
- अग्रिम राशि (Ex-gratia): मृत सदस्य के नॉमिनी (Nominee) को ग्राम संगठन या संकुल संघ से ₹5000 की अग्रिम राशि तुरंत उपलब्ध कराना।
- पारदर्शिता: अग्रिम राशि का भुगतान ग्राम संगठन के 3 सदस्यों की मौजूदगी में करना और रसीद पर हस्ताक्षर/अंगूठा लगवाना।
- दस्तावेज जमा करना: मृत्यु या दुर्घटना के 15 दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज नोडल व्यक्ति को जमा करना।
- बैंक सहायता: नॉमिनी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और बैंक में बचत खाता खुलवाने में मदद करना।
5. मानदेय और प्रोत्साहन राशि (Bima saheli Salary & Incentives)
बीमा सहेली को उनके कार्यों के बदले निश्चित मानदेय और अतिरिक्त कमीशन दिया जाता है:
| समय अवधि | मानदेय (Fixed Pay) | यात्रा भत्ता (TA) | कुल मासिक भुगतान |
| शुरुआती 3 महीने | ₹1,750 | ₹250 | ₹2,000 |
| 3 महीने के बाद | ₹2,500 | ₹500 | ₹3,000 |
अतिरिक्त प्रोत्साहन (Extra Incentives):
- आम आदमी बीमा: प्रत्येक सफल बीमा भुगतान पर ₹200 की प्रोत्साहन राशि।
- शिक्षा सहयोग योजना: प्रत्येक लाभार्थी को राशि प्राप्त होने पर बीमा सहेली को ₹15 प्रति छात्र प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे।
7. जीविका का प्रभाव (Impact)
- साहूकारों से मुक्ति: अब महिलाओं को गांव के दबंगों से 5-10% मासिक ब्याज पर कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
- निर्णय लेने की शक्ति: घर और समाज के फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
- शिक्षा: जीविका से जुड़ी महिलाओं के बच्चे अब बेहतर स्कूलों में पढ़ पा रहे हैं।
8. संपर्क विवरण (Helpdesk)
किसी भी सहायता या जानकारी के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
- जीविका हेल्पलाइन नंबर: 1800 345 6444
- मुजफ्फरपुर हेड ऑफिस: 0621-2260221



